Tuesday, January 28, 2014

क्या करे लोग जब ख़ुदा हो जाएँ........................ अहमद फ़राज़


इस से पहले की बेवफ़ा हो जाएँ 
क्यूं न ए दोस्त हम जुदा हो जाएँ 

तू भी हीरे से बन गया पत्थर
हम भी जाने क्या से क्या हो जाएँ

हम भी मजबूरियों का उज्र करें
फिर कहीं और मुब्तिला हो जाएँ

अब के गर तू मिले तो हम तुझसे
ऐसे लिपटे तेरी क़बा हो जाएँ

बंदगी हमने छोड़ दी फराज़
क्या करे लोग जब ख़ुदा हो जाएँ 
-अहमद फ़राज़

8 comments:

  1. बहुत खूब ! बहुत सुन्दर !

    ReplyDelete
  2. आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवारीय चर्चा मंच पर ।।

    ReplyDelete
  3. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, आभार आपका।

    ReplyDelete
  4. वाह बहुत बढिया...

    ReplyDelete
  5. बहुत उम्दा प्रस्तुति...आभार

    ReplyDelete
  6. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, आभार आपका।

    ReplyDelete