Showing posts with label पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी "निराला". Show all posts
Showing posts with label पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी "निराला". Show all posts

Wednesday, April 24, 2019

तोड़ो, तोड़ो, तोड़ो कारा....पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी "निराला"

तोड़ो, तोड़ो, तोड़ो कारा
पत्थर, की निकलो फिर,
गंगा-जल-धारा!
गृह-गृह की पार्वती!

पुनः सत्य-सुन्दर-शिव को सँवारती
उर-उर की बनो आरती!--
भ्रान्तों की निश्चल ध्रुवतारा!--
तोड़ो, तोड़ो, तोड़ो कारा!
- पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी "निराला"