मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
Showing posts with label
ट्विटर
.
Show all posts
Showing posts with label
ट्विटर
.
Show all posts
Friday, April 26, 2019
थे मदहोश....तरसेम
कल चाँद के
उगने से लेकर
आज के सूरज के
उगने तक
डालते रहे खलल
नींद में मेरी
चुप रहकर भी
कितना कह गए
दिखते नहीं हो
बसे हो फिर भी
आँखों में ही
दूर हो कितने
फिर भी कितने पास
चल रहा था
बातों का सिलसिला
थमा सा था चाँद भी
थे खामोश
और एक दूजे में
थे मदहोश..!!
-तरसेम
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)