Showing posts with label BEST GAZALS. Show all posts
Showing posts with label BEST GAZALS. Show all posts

Sunday, February 26, 2017

ख्वाब है दीवाने का....फानी बदायूनी

न इब्तिदा की खबर है, न इंतेहा मालूम
रहा ये वहम कि हम हैं, सो ये भी क्या मालूम!

हर नफ़्स, उम्र-ए-गुज़िश्ता की है मैयत फानी
ज़िन्दगी नाम है मर मर के जिए जाने का

मौत आने तक न आये, अब जो आए हो तो हाय
ज़िन्दगी मुश्किल ही थी, मरना भी मुश्किल हो गया

दिल-ए-मरहूम को खुदा बख्शे
एक ही ग़म-गुसार था, न रहा

एक मोअम्मा है, समझने का न समझाने का
ज़िन्दगी काहे को है ख्वाब है दीवाने का
-फानी बदायूनी 

Wednesday, February 8, 2017

मेरा एतबार बोलता है.....राहत इंदौरी

मेरा ज़मीर, मेरा एतबार बोलता है
मेरी ज़बान से परवरदिगार बोलता है

तेरी ज़बान कतरना बोहत ज़रूरी है
तुझे मर्ज़ है कि तू बार बार बोलता है

कुछ और काम उसे आता ही नहीं शायद
मगर वोह झूट बोहत ही शानदार बोलता है


Tuesday, October 8, 2013



चांद तारों को भी तस्खीर तो करते रहिये
बन्दगी की है ये मेराज कि नीचे रहिये

आगे बढ़ने की ये जिद, जान भी ले सकती है
शाह्जादे यही बेहतर है कि पीछे रहिये

जो भी होना है वही ज़िल्ले-इलाही होगा
आप क्यूं फिक्र करें, आप तो पीते रहिये

है बगावत यहाँ कद अपना बढ़ाने का ख्याल
सिर्फ साये में बड़े लोगों के जीते रहिये

एक से हाथ मिलाया तो मिलाएंगे सभी
भीड़ में हाथ को अपने अभी खींचे रहिये

रास्तो! क्या हे वोह लोग जो आते जाते
मेरे आदाब पे कहते थे कि जीते रहिये

अज्मत-ए-बखियागिरी इस में है 'अजहर साहब'
दूसरे चाक गिरेबान भी सीते रहिये

अजहर इनायती