मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
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डॉ. रति सक्सेना
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Sunday, November 25, 2018
रिश्ते...........डॉ. रति सक्सेना
कुछ रिश्ते
तपती रेत पर बरसात से
बुझ जाते हैं,
बनने से पहले
रिश्ते
ऐसे भी होते हैं
चिनगारी बन
सुलगते रहते हैं जो
जिन्दगी भर
चलते साथ कुछ कदम
कुछ रुक जाते बीच रास्ते
रिश्ते होते हैं कहाँ
जो साथ निभाते हैं
सफर खत्म होने तक
-डॉ. रति सक्सेना
Friday, November 23, 2018
आँसुओं का खजाना.........डॉ. रति सक्सेना
एक आँसू
उसके लिए
जो अपना न बन सका
एक आँसू
अपना बनने का
दिखावा करने वाले के लिए
एक आँसू
अपने आप से
दोस्ती करवाने वाले के लिए
आँसुओं का खजाना
खत्म हो गया
-डॉ. रति सक्सेना
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