तारा टूटा तो
आसमां से दूर हो
अनाथ हुआ ।
-*-
अँधेरी रात
पीली चाँदनी बनी
रोशनदान ।
-*-
ऊँची पहाड़ी
बर्फ जड़ी -पिघली
नदिया बनी ।
-*-
धरा महकी
पुष्प अगरबत्ती
जब जलाई ।
-*-
छोड़ तरु को
पतझड़ी पात भी
संत से लगे ।
- डॉ. सरस्वती माथुर
5 अगस्त को आपने अपना जन्म दिन मनाया
सबने बधाइयां प्रेषित की...क्या पता था कि
सबने बधाइयां प्रेषित की...क्या पता था कि
ये उनका अंतिम जन्म दिन है
गत् शनिवार को वे देवलोक गमन कर गई
परमपिता से विनती है
उन्हें अपनी चरणों में स्थान दें
हम सभी की ओर से भाव-भीनी श्रद्धाञ्जली
गत् शनिवार को वे देवलोक गमन कर गई
परमपिता से विनती है
उन्हें अपनी चरणों में स्थान दें
हम सभी की ओर से भाव-भीनी श्रद्धाञ्जली



