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Tuesday, September 4, 2018

हाइकु.......डॉ. सरस्वती माथुर


तारा टूटा तो
 आसमां से दूर हो
 अनाथ हुआ ।
-*-
 अँधेरी रात
 पीली चाँदनी बनी
 रोशनदान ।
-*-
 ऊँची पहाड़ी 
 बर्फ जड़ी -पिघली 
 नदिया बनी ।
-*-
 धरा महकी
 पुष्प अगरबत्ती
 जब जलाई ।
-*-
 छोड़ तरु को 
 पतझड़ी पात भी
 संत से लगे ।
- डॉ. सरस्वती माथुर
5 अगस्त को आपने अपना जन्म दिन मनाया
सबने बधाइयां प्रेषित की...क्या पता था कि 
ये उनका अंतिम जन्म दिन है
गत् शनिवार को वे देवलोक गमन कर गई
परमपिता से विनती है
उन्हें अपनी चरणों में स्थान दें
हम सभी की ओर से भाव-भीनी श्रद्धाञ्जली

Sunday, July 22, 2018

चंद हाईकू...आभा खरे


मन बगिया 
सुख दुख के पुष्प 
साथ खिलते 

-*-
खिला गुलाब 
कांटों बीच मुस्काता 
जीना सिखाता 

-*-
जीवन रीत 
तप के ही मिलते 
सोने से दिन ..!!!

-*-
आशा की डोरी 
हौंसलों के मनके 
पिरोई जीत 

-*-
बेटी की हँसी 
महके अंगनारा 
फूलों सी खिली 
- आभा खरे
१ जून २०१८



Wednesday, April 25, 2018

हाइकु.....नवीन श्रोत्रिय “उत्कर्ष”

(१)
तेज तपन,
बनी हूँ विरहन
जलता मन,
   
(२)
आखिरी आस
अब होगा मिलन
बुझेगी प्यास

(३)
फाल्गुनी रंग
चहुँ ओर गुलाबी
पीव न संग

(4)
रात  अँधेरी
मेंरा चाँद ओझल
उसी को हेरी

(5)
निगाहें फेरी,
या प्रेम छल अब,
है कौन बैरी ?

(6)
बरसें    नैन,
सुजान तुम कहाँ,
मिले न चैन,

(7)
खिलीं कलियाँ,
  सुगन्धित वसुधा,
नव प्रभात,

(8)
नवल राग,
आया है मधुमास,
खेलेंगे फाग,

(9)
कहता चंग,
करें मन गुलाबी
पी प्रेम भंग,

(10)
तपता तन,
  सजन सतरंगी,
रंग दो मन,
-नवीन श्रोत्रिय “उत्कर्ष”
श्रोत्रिय निवास बयाना

Friday, July 24, 2015

आगे तो बढ़ !.....................अनुज तिवारी


राह देखती ,
तेरे इन्तजार मे ,
राहें भी आज ! १ !

आगे तो बढ़ !
हौसला है तुझमे ,
कदम बढ़ा ! २ !

कन्धे पे जमीं !
आसमान पैरों पे ,
अब दे झुका ! ३ !

दम तोड दे ,
पवन घुटन से ,
गर चाह ले ! ४ !

ऐसी तपन !
जल भी जल जाये ,
गर चाह ले ! ५ !

सूरज को भी !
प्रभा को ताकने की ,
फुर्सत ना हो ! ६ !

घूमना चाहे !
धरती धुरी पर ,
जुर्रत ना हो ! ७ !

हौसला रख !
आग की औकात क्या ,
तुझे जला दे ! ८ !

बस फासला !
चादं हिन्दुस्तान में ,
दो कदम का ! ९ !

रख हौसला !
अपने जिगर में ,
आजमाने का ! १० !

-अनुज तिवारी
रचनाकार मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर निवासी हैं
नवोदित रचनाकार प्रचार-प्रसार के अभिलाषी नहीं है
वर्तमान में आप अपनी रचनाएँ 
हिन्दी काव्य संकलन में 
संग्रहित करते हैं
सम्पर्क सूत्रः +9158688418