जवान होने की सीमा के आसपास मिली
किशोर वय मे भी,सोलह की उम्र खास मिली..
खुशी के बाद नज़र आई सारी दुनिया खुश
उदास होते ही दुनिया बहुत उदास मिली
हटा कर राख अगन को जगाना पड़ता है
हताश लोगों के मन में भी कोई आस मिली
वो जिसने किया बाध्य चाकरी के लिए
हरिक मनुष्य की काया में भूख प्यास मिली
विकल समुद्र से मिलने चल पड़ी नदियां
समुद्र होने की चाहत नदी के पास मिली
उन्हीं के स्वप्न का सूरज कभी नहीं डूबा
वो जिनके सपने के अन्दर बहुत उजास मिली
-जहीर कुरैशी
