अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर
दार्शनिकों के बोल.....

-शीला मरे बेथल
आप जो सबसे ज़्यादा साहसिक कार्य कर सकते हैं, वह है खुद को पहचानना, जानना कि आप किसमें विश्वास करते हैं और कहां तक जाना चाहते हैं

-जी.डी. एंडरसन
नारी सशक्त है ही, नारीवाद का संबंध नारी शक्ति को लेकर दुनिया के दृष्टिकोण को बदलने से है
-डियान मैरीचाइल्ड
स्त्री अपने आप में परिपूर्ण वृत है, जिसमें सृजन, पोषण और रूपान्तरण करने की शक्तियां अंतर्निहित होती है.

-मेरी क्यूरी
किसी के लिए भी ज़िन्दगी आसान नहीं होती, हमें विश्वास रखना चाहिए कि हमारे अन्दर भी कोई हुनर छिपा है, जिसे खोजना अनिवार्य है.

-ओप्रा विन्फ्रे
मलिका की तरह सोचिए.मलिका विफलता से नहीं डरती,क्यूंकि विफलता, सफलता की सीढ़ी ही होती है

-एटीकस
वह न डरने के कारण ताकतवर नहीं थी, बल्कि इसलिए थी कि डर होने के बावज़ूद मजबूती से आगे बढ़ती गई

-आंग सान सू की
अपने डरों को उस राह की बाधा मत बनने दो, जिसे आप सही समझती हैं
...
सौजन्य मधुरिमा (4 मार्च 2020)
दार्शनिकों के बोल.....

-शीला मरे बेथल
आप जो सबसे ज़्यादा साहसिक कार्य कर सकते हैं, वह है खुद को पहचानना, जानना कि आप किसमें विश्वास करते हैं और कहां तक जाना चाहते हैं

-जी.डी. एंडरसन
नारी सशक्त है ही, नारीवाद का संबंध नारी शक्ति को लेकर दुनिया के दृष्टिकोण को बदलने से है
-डियान मैरीचाइल्ड
स्त्री अपने आप में परिपूर्ण वृत है, जिसमें सृजन, पोषण और रूपान्तरण करने की शक्तियां अंतर्निहित होती है.

-मेरी क्यूरी
किसी के लिए भी ज़िन्दगी आसान नहीं होती, हमें विश्वास रखना चाहिए कि हमारे अन्दर भी कोई हुनर छिपा है, जिसे खोजना अनिवार्य है.

-ओप्रा विन्फ्रे
मलिका की तरह सोचिए.मलिका विफलता से नहीं डरती,क्यूंकि विफलता, सफलता की सीढ़ी ही होती है

-एटीकस
वह न डरने के कारण ताकतवर नहीं थी, बल्कि इसलिए थी कि डर होने के बावज़ूद मजबूती से आगे बढ़ती गई

-आंग सान सू की
अपने डरों को उस राह की बाधा मत बनने दो, जिसे आप सही समझती हैं
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सौजन्य मधुरिमा (4 मार्च 2020)