Showing posts with label प्रीति विकास मोहनानी 'भारती. Show all posts
Showing posts with label प्रीति विकास मोहनानी 'भारती. Show all posts

Tuesday, October 2, 2018

हौसला...... प्रीति विकास मोहनानी 'भारती

पागलपन की हद तक सपनों को चाहना।
कुछ नया कर दिखा, दिल यह कह रहा।
क्षितिज तक उड़ान है भरना,
सपनों को साकार है करना।

चाहत ऊँची उड़ान की,
मुश्किल डगर है आसाँ नहीं।
मेहनत से नहीं है डरना,
ख़्वाब को पूरा है करना।

हौसला बुलन्द कर,
गिरने से नहीं है डर।
उठना है थकना नहीं,
उड़ान को क्षितिज तक है पहुँचाना।

ईमानदारी से किया प्रयास,
ख़ुद पर किया गया विश्वास।
कभी व्यर्थ नहीं है जाता,
इक दिन ज़रूर है जिताता।

ख़्वाबों को महसूस कर ,
मंज़िल मिलेगी तुझे,
पंख सभी है फैलाते,
हुनर उड़ने का किसी-किसी को ही आता,
ख़्वाब तो देखते है कई,
हक़ीक़त में कोई-कोई ही ढालता।
-प्रीति विकास मोहनानी 'भारती