नाम तो सोचा ही न था, है कि नहीं
'अमा' कहकर बुला लिया इक ने
'ए जी' कहके बुलाया दूजे ने..
'अबे ओ' यार लोग कहते हैं..
जो भी यूँ जिस किसी के जी आया
उसने वैसे ही बस पुकार लिया..
तुमने इक मोड़ पर अचानक जब
मुझको 'गुलजार' कहके दी आवाज
एक सीपी से खुल गया मोती..
मुझको इक मानी मिल गये जैसे..
आह, यह नाम ख़ूबसूरत है..
फिर मुझे नाम से बुलाओ तो !
-गुलज़ार
