Showing posts with label गुलजार..यार जुलाहे से. Show all posts
Showing posts with label गुलजार..यार जुलाहे से. Show all posts

Thursday, November 22, 2018

सेल्फ पोर्ट्रेट.....गुलजार


नाम तो सोचा ही न था, है कि नहीं
'अमा' कहकर बुला लिया इक ने
'ए जी' कहके बुलाया दूजे ने..
'अबे ओ' यार लोग कहते हैं..
जो भी यूँ जिस किसी के जी आया
उसने वैसे ही बस पुकार लिया..

तुमने इक मोड़ पर अचानक जब
मुझको 'गुलजार' कहके दी आवाज
एक सीपी से खुल गया मोती..
मुझको इक मानी मिल गये जैसे..

आह, यह नाम ख़ूबसूरत है..
फिर मुझे नाम से बुलाओ तो !
-गुलज़ार