Showing posts with label ओम प्रकाश अत्रि. Show all posts
Showing posts with label ओम प्रकाश अत्रि. Show all posts

Wednesday, February 12, 2020

'कलम' ...ओम प्रकाश अत्रि

हर गरीब
बेबस जनता के
बहते हुए
आँसुओं को
पोछती कलम,

बेजुबान की
जुबान बनकर
उसके हकों को
दिलाती कलम।

छोटी सी छोटी
कमजोरियों को
बड़ी सी बड़ी
खूबियों को
उजागर करती कलम,

ज़िन्दगी के
धूमिल
हर मोड़ पर
साथ देती कलम।

प्रेम की
भाषा भी  लिखती
दुखित के
दुख को परखती,
द्वेष का सैलाब
मिटाकर
शिष्टता लाती कलम।

दूर करती
नीचता को
नष्ट करती
काले बाज़ार को,
देश के हित
आग बनकर
क्रान्ति को लाती कलम।

पूंजीपति की
कटुरता को
देखकर
उनके कहर को
दहक उठती
शोला बनकर,
श्रमिक जन को
सन्देश देती
हौंसला बनकर कलम।

मुल्क के हित
सैनिकों में
ओज का संचार
करती,
पाठ सच्चाई का
सिखाकर
कोरे कागद पर
एक नया
इतिहास लिखकर
सद्भावना लाती कलम।
-ओम प्रकाश अत्रि