तेरी महफिल में आना चाहता हूं।
गजल तुझको सुनाना चाहता हूं।।
मोहब्बत की कहानी इस शहर में।
सनम सबको बताना चाहता हूं।।
कभी रोकर कभी सबको रूलाकर।
कभी हँसकर हँसाना चाहता हूं।।
जमाना चाहे मुझको या न चाहे।
तुझे मैं आजमाना चाहता हूं।।
मुझे मेरी मुहब्बत की कसम है।
तुझे अपना बनाना चाहता हूं।।
तेरे दिल में ठहर कर अपने लिये।
मुहब्बत फिर जगाना चाहता हूं।।
तेरी ही आरजू में जानेजां मैं।
ये दुनिया भूल जाना चाहता हूं।।
-प्रीती श्रीवास्तव

