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Monday, January 1, 2018

कौन है हमसे बढ़के....केशव शरण

क्यों नसीबों की बात करते हैं
जब ग़रीबों की बात करते हैं 

फिर कहेंगे हमें उठाने को
वो सलीबों की बात करते हैं 

किनके अल्फ़ाज़ सबसे झूठे हैं
क्या अदीबों की बात करते हैं

जाइये मत अभी रक़ीबों पर
हम हबीबों की बात करते हैं 

कौन है हमसे बढ़के, आप अगर
बदनसीबों की बात करते हैं
-केशव शरण

Tuesday, March 14, 2017

क्या कहूंगा,,,,,,,,केशव शरण
















क्या मैं कह सकूंगा
मालिक ने अच्छा नहीं किया
अगर किसी ने
मेरे सामने माइक कर दिया

क्या मैं भी वही कहूंगा
जो सभी कह रहे हैं
बावजूद सब दुर्दशा के
जो वे सह रहे हैं
और मैं भी

क्या मैं भी यही कहूंगा
कि आगे बेहतरीन परिवर्तन होगा
मालिक की हालिया कठोर नीतियों से
भविष्य में हमारा सुखमय,सरल जीवन होगा
-केशव शरण