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Thursday, March 7, 2019

एक बार जो .........अशोक वाजपेयी

Image result for शायद ही फिर मिल पाएंगे
एक बार जो ढल जाएंगे
शायद ही फिर खिल पाएंगे।

फूल शब्द या प्रेम
पंख स्वप्न या याद
जीवन से जब छूट गए तो
फिर न वापस आएंगे।
अभी बचाने या सहेजने का अवसर है
अभी बैठकर साथ
गीत गाने का क्षण है।

अभी मृत्यु से दांव लगाकर
समय जीत जाने का क्षण है।
कुम्हलाने के बाद
झुलसकर ढह जाने के बाद
फिर बैठ पछताएंगे।

एक बार जो ढल जाएंगे
शायद ही फिर खिल पाएंगे।
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-अशोक वाजपेई

Saturday, March 2, 2019

नादान प्रेमिका से ..... शैलेन्द्र

Image result for आज अपना हो न हो पर कल हमारा है
तुमको अपनी नादानी पर
जीवन भर पछताना होगा!

मैं तो मन को समझा लूंगा
यह सोच कि पूजा था पत्थर--
पर तुम अपने रूठे मन को
बोलो तो, क्या उत्तर दोगी ?
नत शिर चुप रह जाना होगा !
जीवन भर पछताना होगा !

मुझको जीवन के शत संघर्षों में
रत रह कर लड़ना है ;
तुमको भविष्य की क्या चिन्ता,
केवल अतीत ही पढ़ना है !
बीता दुख दोहराना होगा !
जीवन भर पछताना होगा !
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-शैलेन्द्र


Thursday, January 10, 2019

रोते हुए बच्चे को हँसाया जाये...निदा फ़ाज़ली

अपना ग़म लेके कहीं और न जाया जाये
घर में बिखरी हुई चीज़ों को सजाया जाये 

जिन चिराग़ों को हवाओं का कोई ख़ौफ़ नहीं
उन चिराग़ों को हवाओं से बचाया जाये 

बाग में जाने के आदाब हुआ करते हैं 
किसी तितली को न फूलों से उड़ाया जाये 

ख़ुदकुशी करने की हिम्मत नहीं होती सब में 
और कुछ दिन यूँ ही औरों को सताया जाये 

घर से मस्जिद है बहुत दूर चलो यूँ कर लें 
किसी रोते हुए बच्चे को हँसाया जाये
-निदा फ़ाज़ली