उन्होंने उसके मुंह पर जंजीरें कस दी
मौत की चट्टान से बांध दिया उसे
और कहा-तुम हत्यारे हो
उन्होंने उससे भोजन,कपड़े और अण्डे छीन लिये
फेंक दिया उसे मृत्यु-कक्ष में
और कहा-तुम चोर हो
उसे हर जगह से भगाया उन्होंने
प्यारी छोटी लड़की को छीन लिया
और कहा-शरणार्थी हो तुम,शरणार्थी
अपनी जलता आंखो
और रक्तिम हाथों को बताओ
रात जाएगी
कोई क़ैद, कोई जंजीर नहीं होगी
नीरो मर गया था, रोम नहीं
वह लड़ा था अपनी आंखों से
एक सूखी हुई गेहूं की बाली के बीज
भर देंगे खेतों को
करोड़ों-करोड़ों हरी बालियों से
-महमूद दरवेश
जन्मः 13 मार्च1941 बिरवा, फिलिस्तीन.
मृत्युः 09 अगस्त 2008 ह्यूस्टन, टेक्सास
प्रमुख कृतियाः अ लव फ्रॉम फिलिस्तीन, आई कम फॉर देयर,पासपोर्ट
मौत की चट्टान से बांध दिया उसे
और कहा-तुम हत्यारे हो
उन्होंने उससे भोजन,कपड़े और अण्डे छीन लिये
फेंक दिया उसे मृत्यु-कक्ष में
और कहा-तुम चोर हो
उसे हर जगह से भगाया उन्होंने
प्यारी छोटी लड़की को छीन लिया
और कहा-शरणार्थी हो तुम,शरणार्थी
अपनी जलता आंखो
और रक्तिम हाथों को बताओ
रात जाएगी
कोई क़ैद, कोई जंजीर नहीं होगी
नीरो मर गया था, रोम नहीं
वह लड़ा था अपनी आंखों से
एक सूखी हुई गेहूं की बाली के बीज
भर देंगे खेतों को
करोड़ों-करोड़ों हरी बालियों से
-महमूद दरवेश
जन्मः 13 मार्च1941 बिरवा, फिलिस्तीन.
मृत्युः 09 अगस्त 2008 ह्यूस्टन, टेक्सास
प्रमुख कृतियाः अ लव फ्रॉम फिलिस्तीन, आई कम फॉर देयर,पासपोर्ट
प्राप्ति स्रोतः रसरंग
