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Sunday, June 21, 2020

किसी को खुशी मिले तो मिलो - जुलो ...चंचलिका शर्मा

अगर
आपकी मुस्कुराहट
किसी को
भली लगे तो
मुस्कुराओ ......

अगर
आपके गीत से
किसी का जीवन
गुलज़ार हो तो
गुनगुनाओ.......

आपकी
बातों से किसी को
सुकुं मिले
तो अनर्गल बातें करो .....

अगर
आपकी उपस्थिति से
किसी को खुशी मिले
तो मिलो - जुलो ...

ईश्वर की
बनाई रचना
उन्हीं की रचना के
काम आए तो
हमारे सारे गुण सार्थक
वर्ना हम
अपने गुणो की ,
ईश्वर की तौहीन करेंगे ..
- चंचलिका शर्मा

Thursday, May 21, 2020

हाहाकार कर उठता है मन ...चंचलिका शर्मा


मेरे सीने में
एक दर्द उठता है 
एक बार नहीं
बार बार उठता है ...

एक औरत हूँ 
दूसरी औरत को 
बेइज्जत होते देख मन 
हाहाकार कर उठता है ....... 

अखबार के पन्ने हों या 
दूरदर्शन में खबर हो 
तन ,मन,जान से खेली जाती 
बेबस औरत की कहानी होती है ..... 

ईश्वर ने क्या वरदान दिया है 
औरत के तन मन को 
दुधमुंही बच्ची से बूढी तक 
हवस में रौंदी जाती है ....... 

निष्पाप शिशु क्या जाने 
ज़िंदगी की इस बेबसी को 
दर्द से कराहती , बिलखती 
बस ज़ार ज़ार रो लेती है ...... 

जिस मर्द को औरत ने 
जन्म दिया ,माँ का रुप धरा 
देवी कहलाने वाली भी क्योंकर 
हवस का शिकार बनती है ........ 

शिक्षा ,दीक्षा ,मान ,प्रतिष्ठा
सब धरे रह जाते हैं
माँ बहनों के लाज के रक्षक ही 
जब कभी भक्षक बन जाते हैं ........ 

औरत की बेबसी ,लाचारी सुन 
मन विचलित हो जाता है 
समाज में वह केवल क्यों
हाड़ मांस ही समझी जाती है .... 

पुरुष की मानसिकता में
क्यों इतनी बर्बरता छाई है 
कुछ पल की कुत्सित सोच लिए 
औरत की आबरु से क्यों खेलता है ....... 

बेटी बचाओ के नारे को 
हर पुरुष समझ नहीं पाता है 
स्वच्छ भारत की स्वच्छ सोच पर 
हर पुरुष क्यों अमल नहीं करता है .....

- चंचलिका शर्मा

Saturday, October 7, 2017

प्यार का मतलब .....चंचलिका शर्मा



तुम कहते हो 
मैं जिद्दी हूँ 
और थोड़ी सी 
हूँ मनचली ... 
हाँ , मैं हूँ 
स्वीकार है मुझे 
मैं जिद्दी हूँ 
थोड़ी सी मनचली भी ........ 
जब भी माँगा , 
जो कुछ भी माँगा 
सब कुछ प्यार से 
दिया तुमने ...... 
चांद , सितारे गर 
माँग भी लेती 
शायद लेकर आते 
जी जान लगाकर भी ......... 
इतना प्यार 
क्यों लुटाते हो 
प्यार का मतलब 
क्या जानते भी हो ?.. 
प्यार आवारगी नहीं 
न सिर्फ़ है दीवानगी 
प्यार बंदगी भी है 
और है इबादत भी ......... 
चलो न , आज 
अभी , इसी वक्त 
हम , तुम कर लेते 
हैं एक वादा .... 
गर कभी साथ छूटे तो 
बनकर रहना कृष्ण मेरे 
राधा बन सताऊंगी नहीं 
बन सकती हूँ जोगन मीरा भी ....
-चंचलिका शर्मा

Thursday, July 27, 2017

" निशा " ......चंचलिका शर्मा


क्यों इतनी 
सुहानी लगती हो 
कुछ मासूम , कुछ नादान
कभी 
" नव निशा " सी लगती हो ....
एक 
रूमानी सी मुस्कान 
चेहरे पर लिए 
दिन 
भर की थकान सबकी 
ओझल करती 
सबको तुम सुलाती हो ...... 
- चंचलिका शर्मा

Saturday, July 22, 2017

एक और क्षितिज .......चंचलिका शर्मा


क्षितिज के 
उस पार भी है 
एक और क्षितिज 
चल मन चलें उस पार ..........

जहाँ तितलियाँ
इठलातीं , इतराती 
लहराती लहरों सी है 
जैसे दूर सागर के उस पार .......

भटक नहीं 
किसी बंधन में 
छोड़ उस पार की चिंता 
रम जा अब सिर्फ़ ही इस पार ......... 
- चंचलिका शर्मा

Tuesday, July 18, 2017

एक आदत - सी हो गई है ....चंचलिका शर्मा









अब तो 
एक आदत - सी हो गई है , 
अपने आप से कहने की ,
"थकना मना है" ......

बेशुमार 
आँसुओं को पीकर 
मुस्कुरा कर कहने की , 
"रोना मना है" ........

औरत हूँ ,
औरों के लिए ही जीना है ,
आइने में भी अपना वजूद 
"ढूँढना मना है" ............ 

- चंचलिका शर्मा