मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
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पंकज कुमार शर्मा
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Thursday, August 17, 2017
आईने.....पंकज कुमार शर्मा
बरसो से जड़े हैं..
तेरे घर में जो आईने
उनका खयाल करना
उनमें तेरे हर दौर की शक्ल है.
उन्होंने तेरी शक्ल को
संवारा है..
हर दाग को मिटाया है.
-पंकज कुमार शर्मा
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