
भटके हुये दिलों के प्रेमी
आत्म मंजिल तक
नहीं पहुंचते हैं...
फिर गलत इंसान से
धोखा खाकर
सही इंसान
से बदला लेते हैं......

घर की तकलीफ़ें.
चौराहे पर उड़ेलकर
घर को मकां
कर लेते हैं....
जीवन में हम इंसा
सिर्फ़ सुख के लिए
बिखरते हैं...

मेरे युवा भाई-बहनों
माता-पिता पर ना
तुम भार बनो...
फेक इश्क में
बदनाम ना होकर
जनसेवा से
यशवान बनो
बनो राष्ट्रभक्त

गद्दारों के तुम
काल बनो

