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Saturday, January 19, 2019

टूटेगा तो बिखर जाएगा...सीमा 'सदा' सिंघल

डर था मुझे वो टूटेगा तो बिखर जाएगा, 
तुमसे जो मुंह फेरेगा तो किधर जाएगा । 

संभालता रहा खुद को भागती दुनिया में, 
गिर गया तो फिर किसको नज़र आएगा । 

बेबसी जब भी पूछती मेरा हाल धीमे से, 
सोचता कुछ कहा तो बन ज़हर जाएगा । 

बुत बना रहा वो हादसों को देखकर जब,
कहा लोगो ने इसतरह तो ये मर जाएगा । 

गुनाहों  की जो लोग माफ़ी भी नहीं मांगते, 
पूछो तो बचाया इनको किस कदर जाएगा ।
-सीमा 'सदा' सिंघल

Sunday, December 30, 2018

प्रेम एक आहट है.... सदा

प्रेम एक प्रार्थना है
जिसके पीछे सब हैं कतार में
कोई शब्‍दों से व्‍यक्‍त करता है
तो कोई मौन रहकर
प्रेम
बंसी के बजने में हो जाता है
धुन मीठी
तो कई बार हो जाता है प्रेम
विष के प्‍याले में अमृत !
...
प्रेम एक आहट है
जो बिना किसी पद़चाप के
शामिल हो जाता है जिंदगी में
धड़कनों का अहसास बनकर
प्रेम विश्‍वास है
जब भी साथ होता है
पूरा अस्तित्‍व
प्रेममय हो जाता है !
....
प्रेम जागता है जब
नष्‍ट हो जाते हैं सारे विकार
अहंकार दुबक जाता है
किसी कोने में
क्रोध के होठों पर भी
जाने कैसे आ जाती है
एक निश्‍छल मुस्‍कान
प्रेम का जादू देखो
लोभ संवर जाता है
इसकी स्‍मृतियों में !
....
ऐसी ही घड़ी में होता है
जन्‍म करूणा का
जहां प्रेम हो जाता है नतमस्‍तक
वहाँ दृष्टि होती है
सदा ही समर्पण की
समर्पण सिर्फ एक ही भाव
भरता है कूट-कूट कर
मन की ओखल में
विश्‍वास की मूसल से
जिनमें मिश्रित होते हैं
संस्‍कार परम्‍पराओं की मुट्ठी से
जो एक ताकत बन जाते हैं
हर हाथ की
तभी विजयी होता है प्रेम
उसके जागने का, होने का,
अहसास सबको होता है
नहीं मिटता फिर वो
किसी के मिटाने से !!
....
© सीमा 'सदा' सिंघल

Sunday, October 30, 2016

मैं कच्‍ची मिट्टी............. सीमा 'सदा' सिंघल
















मैं उतरना चाहती हूं 
तेरे मन के आंगन में 
मां तेरी ही तरह 
बसना चाहती हूं सबके दिलों में 
यूं जैसे तेरी ममता 
बसती है ...दर्पण की तरह जिसमें 
जिसकी भी नजर पड़ती है 
उसे अपना ही 
अक्‍स नज़र आता है ... !!!

मैं कच्‍ची मिट्टी 
तुम उसकी सोंधी सी महक 
अंकुरित हुई तेरे 
प्‍यार भरे पावन मन में, 
तुलसी के चौरे की 
परिक्रमा करती जब तुम 
आंचल थामकर 
मैं चलती पीछे-पीछे 
संस्‍कार से सींचती 
तुम मेरा हर कदम 
मैं डगमगाती जब भी 
तुम उंगली पकड़ाती अपनी 
मैं मुस्‍करा के चलती 
संग तुम्‍हारे कदम से कदम मिलाकर ... !!!!

-सीमा 'सदा' सिंघल