Showing posts with label नित्यानंद गएँ. Show all posts
Showing posts with label नित्यानंद गएँ. Show all posts

Thursday, December 26, 2019

सर्द मौसम में मीठी होती है सुबह की धूप...नित्यानंद गएँ

अँधेरे की शिकायत नहीं करूंगा
रौशनी का  एक गुच्छा तुम्हें दूंगा
तुम केवल उसे किसी मार्ग पर लगा देना
ताकि पथिक पहुँच सकें अपनी मंजिल तक
बिना गिरे
उदासी की बात नहीं करूंगा
एक मुठ्ठी मुस्कान दूंगा तुम्हें
तुम उसे बाँट देना
सहमे हुए बच्चों में
हताश होने पर
तुम्हें सुनाऊंगा क्रांति की महान कहानियाँ
अंधकार रात में
तुम्हें चाँद के किस्से सुनाऊंगा
तनहाई में तुम्हें बताऊंगा सागर की विशालता
हम पंछियों से सुनेंगे
आकाश के बारे में
मरुस्थल में जीवन के बारे में जानेंगे
धूप में रेत को चमकते हुए देखेंगे मिलकर
सर्द मौसम में मीठी होती है
सुबह की धूप
आओ मुस्कुराना सीखें !!


लेखक परिचय - नित्यानंद गएँ