अंधेरा/अंधकार/तम/तिमिर
सुहागहीन
अमावस की रात
तिमिर घोर।
हवा डराया
डटा रहा दीपक
तम की ओर।
दीपक पांव
तम काटी चिकोटी
नेकी का जोर।
तम की छाती
चढ़ गया दीपक
रोशनी शोर।
छंटा अंधेरा
पूरब में सूरज
हो गई भोर।
-अज्ञात
सागर/जलधि/समुद्र
प्रेम सागर
कूद गई लड़की
खेल इश्क का।
लड़की गुम
डूब गया आशिक
सागर शांत।
खारा सागर
डूबा महासागर
प्रेम तलाश।
मौन प्रेम में
भीगा नीरनिधि
अमृत आस।
नीर नयन
समाधि में जलधि
प्रेम भंवर।
-अज्ञात रचनाकार