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Wednesday, July 23, 2014

तेरे होठों पर मुस्कुराहट हो...............सुनीता घिल्डियाल







 














जिंदगी !!!
तेरे होठों पर मुस्कुराहट हो
तेरे माथे पर चमकता सूरज हो
तेरे कांधों पर घटाओं के घेरे हों
तेरी छुअन में एक उष्णता हो

जिंदगी !!!
तू जब भी मिले मुझसे
तेरा चेहरा मां से मिलता हो
तेरी आंखों में पिता का लाड़ हो
तेरी हथेलियों में हरारत हो

जिंदगी !!!
तू मिले, तो मिलना उजाला बनकर
सूरज की गुनगुनी धूप बनकर
वर्षा की रिमझिम बनकर
तारों की झिलमिल बनकर

जिंदगी !!!
मिलना होगा तुझे सागर के पार
क्षितिज के उस बिंदु पर
मिलते हैं जहां मौजों की गवाही में
अंबर और धरती एक-दूजे से

जिंदगी !!!
मिलना होगा तुझे...


- सुनीता घिल्डियाल