तुम्हारी नजर में जो चांद दागदार है।
रौशन सारा जहां उससे ही यार है।।
है प्यार उसको तो सारे जहान से।
सब पर बरसती चांद की बहार है।।
उसी की इनायत से चमके सितारें।
उसकी जरूरत सबको मेरे यार है।।
हसरत है मुझे उसके पास जाने की।
वही इबादत मेरी और मेरा प्यार है।।
तमन्ना है मेरी वो चमकता रहे यूं ही।
खुदा से मेरी बस इतनी दरकार है।।
मौत आने से पहले उठे मेरा जनाजा।
रूके धड़कने हो बारिस की फुहार है।।
-प्रीती श्रीवास्तव
वाह वाह सुभान अल्लाह।
ReplyDeleteबहुत खूब।
ReplyDeleteबहुत ख़ूब 👌
ReplyDeleteआपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (10-12-2018) को "उभरेगी नई तस्वीर " (चर्चा अंक-3181) पर भी होगी।
ReplyDelete--
चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
राधा तिवारी
बहुत सुन्दर।
ReplyDeleteबहुत खूब
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