Sunday, December 15, 2019

कुहासे का स्‍वेटर ... रश्मि शर्मा

कुहासे का स्‍वेटर
सूरज ने पहना
कुहासे का स्‍वेटर
और
बच्‍चों की तरह
हौले-हौले
कदम रख चल पड़ा है
आकाश के पथ पर
सफर में अपने
एक-एक कर खोलेगा वो
स्‍वेटर के सारे बटन
और
शर्माई सी धूप
गुनगुना उठेगी
खिलखिला उठेगी......
-रश्मि शर्मा

4 comments:

  1. वाह. अद्भुत, बेहद सुंदर रचना 👏 👏

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  2. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज रविवार 15 दिसम्बर 2019 को साझा की गई है...... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  3. शर्माई सी धूप
    गुनगुना उठेगी
    खिलखिला उठेगी......
    कमाल का मानवीकरण है। उम्दा रचना मैम।

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