Wednesday, May 22, 2013

फूलों पे रख दिए हैं शबनम ने कैसे मोती.........कुसुम सिन्हा


हवाओं में ऐसी ख़ुशबू पहले कभी न थी
ये चाल बहकी बहकी पहले कभी न थी

ज़ुल्फ़ ने खुलके उसका चेहरा छुपा लिया
घटा आसमा पे ऐसी पहले कभी न थी

आँखें तरस रहीं हैं दीदार को उनके
दिल में तो ऐसी बेबसी पहले कभी न थी

फूलों पे रख दिए हैं शबनम ने कैसे मोती
फूलों पे ऐसी रौनक पहले कभी न थी

यादों की दस्तकों ने दरे दिल को खटखटाया
आती थी याद पहले पर ऐसी कभी न थी

--कुसुम सिन्हा--
 

11 comments:

  1. यादों की दस्तकों ने दरे दिल को खटखटाया
    आती थी याद पहले पर ऐसी कभी न थी
    बहुत ही खूबसूरत अभिव्यक्ति

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  2. wah kya khoob,ज़ुल्फ़ ने खुलके उसका चेहरा छुपा लिया
    घटा आसमा पे ऐसी पहले कभी न थी

    आँखें तरस रहीं हैं दीदार को उनके
    दिल में तो ऐसी बेबसी पहले कभी न थी

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  3. Superrrrrrrrrb! Very touchy lines

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  4. आँखें तरस रहीं हैं दीदार को उनके
    दिल में तो ऐसी बेबसी पहले कभी न थी...वाह: बहुत बढ़िया...

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  5. यादों की दस्तकों ने दरे दिल को खटखटाया
    आती थी याद पहले पर ऐसी कभी न थी..बहुत खूबसूरत नज्‍म

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  6. यादों की दस्तकों ने दरे दिल को खटखटाया
    आती थी याद पहले पर ऐसी कभी न थी
    ..जब याद घनेरी हो तो ऐसे ही कसक उठती है मन में ...बहुत सुन्दर भाव

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  7. बहुत ही सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति.बहुत सुन्दर भाव...सुन्दर रचना

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  8. प्यार का अहसास ही कुछ ऐसा होता है
    बहुत खूब ....
    साभार !

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  9. बहुत ही खूबसूरत अभिव्यक्ति, प्यार का सुन्दर अहसास,यादों की दस्तकों ने दरे दिल को खटखटाया आती थी याद पहले पर ऐसी कभी न थी

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  10. प्यार का सुन्दर अहसास,..

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