ख़्वाब आते रहे, ख़्वाब जाते रहे,
तुमसे मिलने को थे तरसाते रहे!
बात हर ओर तेरी ही होती रही,
हम भी संग-संग तेरे गीत गाते रहे!
बीत जायेगा हर पल तुम्हारे बिना,
फिर भी हर पल तुम्हे क्यों बुलाते रहे!
एक जीवन मिला, एक तुम थे मिले,
सात जन्मों के रिश्ते निभाते रहे!
बात होती रही, बात बोले बिना,
उनसे जब-जब थे नज़रें मिलाते रहे!
-डॉ. अनिल चड्ढा
