Monday, August 26, 2013

अधरं मधुरं वदनं मधुरं, नयनं मधुरं हसितं मधुरं.....एक प्रचलित रचना


अधरं मधुरं वदनं मधुरं, नयनं मधुरं हसितं मधुरं,
हृदयं मधुरं गमनं मधुरं, मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥१॥

वचनं मधुरं चरितं मधुरं, वसनं मधुरं वलितं मधुरं,
चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं, मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥२॥

वेणुर्मधुरो रेनुर्मधुरः, पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ ,
नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं, मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥३॥

गीतं मधुरं पीतं मधुरं, भुक्तं मधुरं सुप्तं मधुरं,
रूपं मधुरं तिलकं मधुरं, मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥४॥

करणं मधुरं तरणं मधुरं, हरणं मधुरं रमणं मधुरं,
वमितं मधुरं शमितं मधुरं, मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥५॥

गुंजा मधुरा माला मधुरा, यमुना मधुरा वीचीर्मधुरा,
सलिलं मधुरं कमलं मधुरं, मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥६॥

गोपी मधुरा लीला मधुरा, युक्तं मधुरं मुक्तं मधुरं,
दृष्टं मधुरं सृष्टं मधुरं, मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥७॥

गोपा मधुरा गावो मधुरा, यष्टिर्मधुरा सृष्टिर्मधुरा,
दलितं मधुरं फ़लितं मधुरं, मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥८॥

-एक प्रचलित रचना........
इस ब्लाग की 300वीं पोस्ट

10 comments:

  1. वाह... कठीन शब्दों के साथ बहुत खुबसूरत रचना ....

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  2. बहुत खुबसूरत रचना

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  3. बहुत सुन्दर ,३०० वी पोस्ट की बधाई

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  4. सुन्दर अभिव्यक्ति .खुबसूरत रचना

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  5. बहुत बढ़िया ...

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  6. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति ....
    खुबसूरत रचना ....
    ३०० वी पोस्ट की बहुत -बहुत बधाई

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  7. आपकी यह रचना कल मंगलवार (27-08-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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  8. बहुत सुन्दर भजन , जीतनी बार पढो या सुनो मधुरं मधुरं ..

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  9. बहुत खुबसूरत रचना..३०० वी पोस्ट की बहुत -बहुत बधाई यशोदा जी..

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  10. waahhh mera pasandida bhajan .. bahut hi madhur .. sukriya @yashoda ji share karne ke liye .. shubhkamnaye ..jai shree krishna

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