Friday, August 2, 2013

इक तेरी ज़ात है.............मेगी आसनानी


रात तो रात है
कैसे ज़ज़्बात है

वो मिले है कहाँ ?
बस मुलाकात है

ज़िन्दगी, प्यार, तुम
सब खयालात है

दिन को छेड़ो ना वो
रात की बात है

ये जहाँ, वो जहाँ
इक तेरी ज़ात है

-मेगी आसनानी

5 comments:

  1. वाह वाह वाह क्या बात है अति सुन्दर

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  2. बहुत खुबसूरत रचना अभिवयक्ति.........

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