Friday, March 9, 2018

हायकु .....अज्ञात रचनाकार

सागर/जलधि/समुद्र
प्रेम सागर
कूद गई लड़की
खेल इश्क का।

लड़की गुम
डूब गया आशिक 
सागर शांत।

खारा सागर 
डूबा महासागर 
प्रेम तलाश।

मौन प्रेम में 
भीगा नीरनिधि 
अमृत आस।

नीर नयन 
समाधि में जलधि
प्रेम भंवर।
-अज्ञात रचनाकार

4 comments:

  1. वाह !!! बहुत सुन्दर

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  2. उम्दा हाइकु ।

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (10-03-2017) को "कम्प्यूटर और इण्टरनेट" (चर्चा अंक-2905) (चर्चा अंक-2904) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  4. ..मैंने आपको इस कंटेंट को पब्लिश करने की अनुमति नहीं दी थी, और न ही ये मेरा कंटेंट है, इसके बावजूद आपने इसको पब्लिश किया, इसको हटाएं, अन्यथा आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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