Wednesday, March 14, 2018

ज़िन्दगी एक सफ़र है...........रामबन्धु वत्स


ज़िन्दगी एक सफ़र है,
कोई होड़ नहीं,
कुछ देर इस मोड़ पर ठहरते है...
पल-दो-पल जीने के लिए ।

मानते हो मंजिल जिसे,
वहाँ भी अधूरे ख्वाब है,
हर हथेली में यहाँ,
सिकुड़ा आँसमान है।

कब तलक दौड़ते रहोगे,
सड़क के सफ़र में,
वक़्त जीने में ही,
आदमी की शान है।

ज़िन्दगी एक सफ़र है,
कोई होड़ नहीं,
कुछ देर इस मोड़ पर ठहरते है..
पल-दो-पल जीने के लिए ।

©रामबन्धु वत्स

8 comments:

  1. वाह सत्य!!
    पल दो पल जीने के लिए।

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  2. बहुत खूब .... लाजवाब

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  3. आप ने मुझे अपने पाठकों से जोड़ा, आभारी रहूँगा सदा।

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  4. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 15.03.2018 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2910 में दिया जाएगा

    धन्यवाद

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  5. नमस्ते,
    आपकी यह प्रस्तुति BLOG "पाँच लिंकों का आनंद"
    ( http://halchalwith5links.blogspot.in ) में
    गुरूवार 15 मार्च 2018 को प्रकाशनार्थ 972 वें अंक में सम्मिलित की गयी है।

    प्रातः 4 बजे के उपरान्त प्रकाशित अंक अवलोकनार्थ उपलब्ध होगा।
    चर्चा में शामिल होने के लिए आप सादर आमंत्रित हैं, आइयेगा ज़रूर।
    सधन्यवाद।

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  6. वाह!!खूबसूरत रचना ।

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  7. बहुत खूबसूरत विचार ।

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  8. ज़िन्दगी एक सफ़र है,
    कोई होड़ नहीं,
    कुछ देर इस मोड़ पर ठहरते है..
    पल-दो-पल जीने के लिए ।------- वाह !!!!!!! अति सुंदर चिंतन !!!!!

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