Friday, July 12, 2019

कुछ रिश्ते अनाम होते है ....संजय भास्कर


कुछ रिश्ते अनाम होते है 
पर वो रिश्ते
दिल के करीब होते है 
अनाम होने पर भी रिश्ते 
कायम रहते है !
पर जब भी उन्हें नाम देने 
की कोशिश की जाती है !
तो जाने क्‍यूँ 
वो रिश्ते लड़खड़ाने लगते है 
नाम से रिश्ते तो बन्ध जाते है !
पर बेनाम आगे बढ़ते जाते है 
न कोई बंधन और न ही कोई सहारा 
सच्ची मुस्कान लिए होते है 
अनाम रिश्ते !
सभी बन्धनों से मुक्त ,
बिना किसी सहारे के लम्बी दूरी तक 
साथ निभाते है अनाम रिश्ते ! 
हमेशा दिल के पास होते है 
ये अनाम रिश्‍ते 
अपनेपन का नाम साथ लेकर ही
बस खास होते है !!
- संजय भास्कर

12 comments:

  1. अपनेपन का नाम साथ लेकर ही
    बस खास होते है
    ये अनाम रिश्‍ते ..,
    बहुत सुन्दर सृजन !!

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  2. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज शुक्रवार 12 जुलाई 2019 को साझा की गई है......... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  3. वाह!!संजय जी ,अनुपम सृजन ।

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  4. बहुत सुन्दर सृजन
    सादर

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  5. वाह बहुत खूब बेहतरीन रचना ।

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  6. नाम देते ही अपेक्षाएँ जो बढ़ जाती हैं।
    इसीलिए अनाम रिश्ते दिल के ज्यादा करीब होते हैं।

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  7. वाह! बहुत शानदार।

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  8. बहुत ही सुन्दर रचना

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  9. बहुत सुंदर रचना 👌

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