Thursday, July 4, 2019

लड़कियाँ चिड़ियाँ नहीं होती.....दिलबागसिंह विर्क


परों का 
कोई संबंध नहीं होता
उड़ान के साथ
उड़ान तो भरी जाती है
हौसले के दम पर

पर तो कुतर देती है दुनिया
घर बन जाते हैं पिंजरा
दरिंदे भी फैलाए रखते हैं जाल
मगर हौसले के दम पर
नभ छू ही लेती हैं लड़कियाँ
क्योंकि लड़कियाँ चिड़ियाँ नहीं होती
लड़कियाँ तो होती है लड़कियाँ !!

लेखक परिचय - दिलबागसिंह विर्क

9 comments:

  1. बहुत ही सुन्दर रचना 👌
    लड़कियां तो आखिर लड़कियां होती है....
    सादर

    ReplyDelete
  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (05-07-2019) को ", काहे का अभिसार" (चर्चा अंक- 3387) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  3. बहुत सुंदर सार्थक अहसास।

    ReplyDelete
  4. जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना शुक्रवार ५ जुलाई २०१९ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं...धन्यवाद।

    ReplyDelete
  5. बहुत सुंदर रचना 👌

    ReplyDelete
  6. वाह!!बहुत सुंदर रचना ।

    ReplyDelete
  7. लड़कियों को चिड़िया बने रहने की ट्रेनिंग दी जाती है जन्म से ही। सार्थक रचना।

    ReplyDelete