Friday, May 24, 2019

कुछ अशआर...प्रीति श्रीवास्तव

वफा के बदले वफा क्यूँ नहीं देते।
जख्म दिया है दवा क्यूँ नहीं देते।।

आंख है नम जो तुम्हारी साथ से।
तुम उसे अभी भुला क्यूँ नहीं देते।।

मुहब्बत नहीं जब तुम्हारी रूह से।
गुनाह की उसे सजा क्यूँ नहीं देते।।
-प्रीति श्रीवास्तव

4 comments:

  1. जी नमस्ते,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (25 -05-2019) को "वक्त" (चर्चा अंक- 3346) पर भी होगी।

    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    आप भी सादर आमंत्रित है
    ….
    अनीता सैनी

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