Thursday, May 23, 2019

फ्लाईओवर पर तेजी से दौड़ता हुआ शहर:) .....संजय भास्कर

फ्लाईओवर पर तेजी से दौड़ता 
हुआ शहर
यह वह शहर नहीं रहा अब
जिस शहर में 
'' मैं कई वर्षो पहले आया था ''
अब तो यह शहर हर समय भागता 
नजर आता है !
कच्ची सड़के ,कच्चे मकानों
और साधन के नाम पर
पर साईकल पर चलने 
वाले लोग 
रहते है अब आलिशान घरों में
और दौड़ते है तेजी से कारों में
नए आसमान की तलाश में
फ्लाईओवर के आर- पार
मोटरसाइकल कारों पर
तेजी से दौड़ता 
हुआ शहर
पहुच गया है नई सदी में
मोबाइल और इन्टरनेट के जमाने में
बहुत तेजी से बदल रहा है
..........छोटा सा शहर  !!!

-- संजय भास्कर 

8 comments:

  1. कटु सत्य .. बढ़ती रफ़्तार ने कहीं ना कहीं हमारे "जोड़" तो बढ़ाए ... पर "जुड़ाव" कम हो गए
    अच्छी सोच का उदगार

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  3. बहुत सुंदर रचना

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  4. बहुत सुन्दर सृजन संजय जी ।

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  5. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (24-05-2019) को "आम होती बदजुबानी मुल्क में" (चर्चा अंक- 3345) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  6. बहुत सुन्दर सृजन
    सादर

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