Tuesday, August 15, 2017

ऊँगली मत छोड़ना....सीमा 'सदा' सिंघल


कुछ मुस्कराहटों को 
आज मैंने देखा 
उदासियों के दरवाजे पे
दस्तक़ देते हुए
खुशियों ने
आना शुरू किया
ये कहते हुए
हम तो बस यूं ही
बिना बुलाये चले आते है
तुम हौसले की
ऊँगली मत छोड़ना !!
- सीमा 'सदा' सिंघल

5 comments:

  1. हौसला रखे खुशियाँ बिन बुलाए आ जायेंगी
    सुन्दर सीख..

    ReplyDelete
  2. नव-वर्ष में प्रवेश पर शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  3. सुन्दर शब्द भावों से परिपूर्ण आभार ,"एकलव्य"

    ReplyDelete
  4. आपकी कविता हौसला दे गई. अच्छी कविता सादर

    ReplyDelete