Wednesday, October 19, 2016

हर लम्हा खुश होना पड़ेगा............डॉ. फ़रियाद "आज़र"


खु़द अपना बारे-गम ढोना पड़ेगा
मगर हर लम्हा खुश होना पड़ेगा

वो इतना हँस चुका है ज़िन्दगी में
कि शायद उम्र भर रोना पड़ेगा

अगर तुम खु़द को पाना चाहते हो
तो आपने आप को खोना पड़ेगा

वो शायद ख़्वाब में दोबारा आये
मुझे इक बार फिर सोना पड़ेगा

निखर जायेगी फिर सूरत तुम्हारी
मगर अश्कों से मुँह धोना पड़ेगा

पड़ेगा दुश्मनों का साथ देना
ख़िलाफ़ अपने उसे होना पड़ेगा

-डॉ. फ़रियाद "आज़र"

4 comments:

  1. जय मां हाटेशवरी...
    अनेक रचनाएं पढ़ी...
    पर आप की रचना पसंद आयी...
    हम चाहते हैं इसे अधिक से अधिक लोग पढ़ें...
    इस लिये आप की रचना...
    दिनांक 20/10/2016 को
    पांच लिंकों का आनंद
    पर लिंक की गयी है...
    इस प्रस्तुति में आप भी सादर आमंत्रित है।

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  2. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 20-10-2016 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2501 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

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  3. बहुत ही लाजवाब शेर ... हर शेर पे दाद कबूल फरमाएं ...

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