Saturday, March 2, 2019

नादान प्रेमिका से ..... शैलेन्द्र

Image result for आज अपना हो न हो पर कल हमारा है
तुमको अपनी नादानी पर
जीवन भर पछताना होगा!

मैं तो मन को समझा लूंगा
यह सोच कि पूजा था पत्थर--
पर तुम अपने रूठे मन को
बोलो तो, क्या उत्तर दोगी ?
नत शिर चुप रह जाना होगा !
जीवन भर पछताना होगा !

मुझको जीवन के शत संघर्षों में
रत रह कर लड़ना है ;
तुमको भविष्य की क्या चिन्ता,
केवल अतीत ही पढ़ना है !
बीता दुख दोहराना होगा !
जीवन भर पछताना होगा !
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-शैलेन्द्र


6 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (03-03-2019) को "वीर अभिनन्दन ! हार्दिक अभिनन्दन" (चर्चा अंक-3263) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. वाह बहुत ख़ूब
    सादर

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  3. बहुत लाजवाब...।

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  4. बहुत बढ़िया

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  5. प्रेमिका के बेपरवाही को प्रदर्शित करती शैलेंद्र जी की अदभुत कविता।

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