Saturday, January 13, 2018

पुरानी हुई कहानी...डॉ. इन्दिरा गुप्ता

ज़िंदगी का फलसफा 
कुछ इस तरह समझा रही 
उम्र की क्या बिसात जो रोके 
जब हिम्मते जवानी छा गई !  

पोपली मुस्कान देखो 
हँस के यू फरमा रही 
जोश कब रोके रुका है 
हमको भी इबारत आ गई !  

जर्जर  बँधन खोल रही है 
अब ये वृद्ध जवानी 
घर से हमको बेघर करदे 
ये ....पुरानी हुई कहानी ! 

डॉ. इन्दिरा गुप्ता

4 comments:

  1. वाह, बहुत बढ़िया

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  2. आभार सभी का 🙏

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  3. इस फोटो ने तो दिल जीत लिया...कहां से ढूढ़ा इसे इंदिरा जी...पोपली मुस्कान देखो
    हँस के यू फरमा रही
    जोश कब रोके रुका है
    हमको भी इबारत आ गई ...बढ़िया रचना

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