Tuesday, July 17, 2012

बस एक इज़ाज़त............सोनू अग्रवाल

एक इजाजत तुमको प्यार से छूने की
एक फिर तुमको चाहने की
एक और फिर सपने में आने की
आकर हाले दिल बताने की

एक इजाजत चाँद तुमको कहने की
एक फिर चाँद को पाने की
एक भीनी चांदनी की लौ में फिर
सारी रात बिताने की

एक इजाजत तेरी आँखों में डूब जाने की
एक फिर नशीली झील मे डूब जाने की
एक प्याला उस जाम का फिर
तुम्हारे हाथ से पीने की

एक इजाजत और है बस तेरी बाहों में सोने की
एक फिर सीने की आगोश मे खो जाने की
एक सांस जो मेरी आख़री हो आज
तेरी बाहों में बिताने की

एक इजाजत दे दो बस एक इज़ाज़त

--सोनू अग्रवाल

20 comments:

  1. प्यार के एहसास में डूबी हुई प्रस्तुति

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  2. दिल में जुर्रत रखिये

    इजाजत भी मिल जायेगी...

    बढ़िया.... सुन्दर

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  3. प्यार में पगी हुई हर दिल की आरजू..बहुत हीं सुन्दर...

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  4. Pyar aatm yyag v balidaan hy; yeh aankhon se nhi, dil se ho jata he Isi liye prem ke Devta ko blind kahte hain .

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    1. धन्यवाद मलिक साहब

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  5. प्यार में इज़ाज़त कैसी ..प्यार तो बस प्यार है ..
    बहुत सुन्दर प्यारी प्रस्तुति

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  6. भावमय करते शब्‍दों का संगम ... बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

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    1. शुक्रिया बहन सीमा
      मेरी पसंद को पसंद किया आपने

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  7. बहुत प्यारी रचना....
    <3

    अनु

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  8. premras se bhari ek sunder rachna
    shubhkamnayen

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  9. ''इश्क है तो इश्क में इज़ाज़त भी होगी...बस ख्यालों का फासला न रखा करो''
    आपके अल्फाजों का जवाब नहीं...लाजवाब प्रस्तुति!

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  10. लाज़वाब लिखा है आप्ने… बहुत ही खूबसूरत रचना

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