Sunday, January 27, 2013

लड़ो कि तुमको लड़ना है...........माधवी श्री

लड़ो कि तुमको लड़ना है

लड़ कर जीने का हक हासिल करना है।

ये दुनिया जो तुम्हें गर्भ से

इस दुनिया में आने के लिए

 प्रतिबंधित करती है 




......

... आने के बाद हर पल

तुमसे तुम्हारे लड़की होने का

हिसाब मांगती है।

हिसाब देते-देते तुम्हारी जुबान

भले ही थक जाए,

पर उनके प्रश्न नहीं रूकते।

आओ इन प्रश्नों को बदल दें,
.......
इन प्रश्न करनेवालों को बदल दें.


आओ लड़े कि

तुम्हें जीने का हक

हासिल करना है अपने लिए

अपने सुंदर कल के लिए। 



--माधवी श्री

13 comments:

  1. आओ लड़े कि

    तुम्हें जीने का हक

    हासिल करना है अपने लिए

    अपने सुंदर कल के लिए।

    सुंदर आव्हान ....सुंदर पंक्तियाँ

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    1. आभार मोनिका दीदी

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  2. आओ इन प्रश्नों को बदल दें,
    ...........................
    इन प्रश्न करनेवालों को बदल दें.
    ............................
    दिल को छू गयी ....सच में

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    1. आभार भाई राहुल जी

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  3. दिल को छू हर एक पंक्ति....

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  4. प्रश्न के साथ प्रश्न करने वाले को भी बदलना है.-उम्दा प्रस्तुति
    New postमेरे विचार मेरी अनुभूति: तुम ही हो दामिनी।

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    1. आभार काली भैय्या

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  5. दिल को छू गई हर एक पंक्ति...बहुत सुन्दर..

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  6. आओ लड़े कि
    तुम्हें जीने का हक
    हासिल करना है अपने लिए
    अपने सुंदर कल के लिए।
    बहुत सुन्दर!
    यह जज्बा ही कुछ बदल सकता है
    लड़की होने का दर्द कम कर सकता है
    लड़ना है तो खुलकर लड़ो
    दबी जुबां की बात से कुछ नहीं हो सकता है

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  7. बहुत सुन्दर कहा .........वाह

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