Saturday, October 20, 2012

माँ..................डॉ.ज़की तारिक



हुस्ने-तख़लीक का एक नग़मये रक़सां माँ है,
बज़्मे-तहज़ीब में उलफ़त का गुलिस्तां माँ है,


जिसकी आग़ोश में पलता है वुजूदे-आदम,
दरसे-अव्वल का वही एक दबिस्ताँ माँ है,


... उसके आँचल की हवा सायये रहमत जैसे,
ग़मे इन्सान के हर इक दर्द का दर्मा माँ है,


जब मसाइब की घटा घेर ले सारा माहौल,
सुब्ह उम्मीद का खुर्शीदे दुरखशां माँ है,


बाप बेशक है मसाइब से बचाने वाला,
ऐशो-इशरत की मगर नय्यरे ताबां माँ है,


ज़िन्दगी के ये कडे कोस..ये उलझी राहें,
इनसे घबराना अबस है के निगाहबां माँ है.


कोई मुश्किल है कहाँ मादरे मुश्फिक के तुफैल,
कोई भी दर्द हो..हर दर्द का दर्मा माँ है,


ए ज़की उस पे निसार अपने दिलो जानो जिगर,
अपने हर सांस की तकमील का सामां माँ है.



डॉ.ज़की तारिक..गाज़ियाबाद

11 comments:

  1. तू चला है मोल चुकाने माँ की ममता का,
    सर्वस्व विश्व समर्पित करदे,
    कोई विकल्प नही माँ की समता का !
    बहुत अच्छी गजल !

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    1. शुक्रिया भाई धीरेन्द्र जी

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  2. उत्कृष्ट प्रस्तुति रविवार के चर्चा मंच पर ।।

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    1. शुक्रिया रविकर भाई

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  3. Ek uttam nazam,Dr. Zaki ko adab. Maa hamesha zindagi me sabr aur shukr ki pehchan he;Halimi se uske kadmo me hamara sar jhuk jata he kiyu ki mamta se mauz masti ki nayyare Ami hi he .

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  4. सुन्दर शब्द संयोजन क साथ सुन्दर रचना..
    :-)

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  5. क्या ही खूब लिखा है.वाकई काफी मेहनत की है.बहुत सुन्दर.इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड पर आपका स्वागत है.यहाँ आप अपने ब्लॉग का परिचय करवा सकते हैं.और अपने ब्लॉग को जन जन तक पहुंचा सकते हैं.और साथ ही यहाँ अपना ब्लॉग सबमिट करवा सकते हैं.जिसके बाद आपकी हर पोस्ट का लिंक यहाँ अपडेट्स होता रहेगा.और साथ ही यहाँ आपको बहुत इंडियन ब्लोगर्स को जानने करीब से देखने ,उनके ब्लोगों को जानने का मौका मिलेगा.हमारा मकसद हिंदी ब्लोग्स का प्रमोशन करना है.और सभी इंडियन ब्लोगर्स को एक जगह जमा करना है.आपका भी स्वागत है.आप भी इसके सदस्य बने ,और इंडियन ब्लोगर्स के साथ मिलकर अपने और दूसरों के ब्लोग्स के प्रमोशन में हिस्सा लें.इंडियन ब्लोगर्स वर्ल्ड सभी भारतीयों का अपना है.

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    1. ब्लाग आई डी मेल कर दी हूँ

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  6. बहुत खूबसूरत ग़ज़ल माँ की तरह पाक साफ़ काबिले तारीफ साझा करने के लिए यशोदा जी को बधाई एवं आभार

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  7. ए ज़की उस पे निसार अपने दिलो जानो जिगर,
    अपने हर सांस की तकमील का सामां माँ है.
    .........................................
    waah...

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