Saturday, August 20, 2016

वो चाँद भी देखो हर दिन पूरा नही होता...विमल गांधी

अच्छे लोगों का हमारी जिंदगी मे आना हमारी किस्मत होती है।
उन्हें संभाल कर रखना हमारा हुनर॥

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पेंसिल का इस्तेमाल हम करते थे - 
जब हम छोटे थे और रबड़ से मिटा भी देते थे।
और अब हम पेन का इस्तेमाल करते है क्योंकि - 
बचपन की ग़लतियाँ मिट सकती थी।
लेकिन अब नही॥

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यह दुनिया सच्चे और झूठे लोगों से कम - 
कलाकारों से ज़्यादा भरी हुई है जो कि -
समय के हिसाब से झूठे या सच्चे - 
इंसान का रूप धारण कर लेते है॥

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दुनिया मे ऐसा कोई नहीं - 
जिसे जमाने मे कोई गम नही।
हर कोई खोया है अपने गम में - 
हर किसी को लगता है कि -

उसका गम किसी से कम नहीं।
देखेंगे अगर अपने से ग़रीब किसी को - 
तो पता चलेगा कि उसका गम भी कुछ कम नही॥

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इंसान का दुखी होने का बस एक ही मूल कारण है - 
उन चीज़ो के पीछे भागना -
जो उसके पास नहीं है।
और उन चीज़ों को अनदेखा करना - 
जो उसके पास है॥

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हिम्मत और समझ अगर रखनी है तो - 
जो बात दिल मे है उसे बोलने की हिम्मत रखो।
जो बात दूसरे के दिल मे है उसे - 
समझने की समझ रखो॥

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वक्त की हो धूप या हो तेज आँधियाँ - 
कुछ क़दमों के निशान कभी नही खाेते।
जिन्हें याद कर मुस्कुरा दें ये आँखें - 
वो लोग दूर होकर भी दूर नही हाेते॥

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जीवन में बहुत से लोग मिलते है - 
कुछ अपने और कुछ पराये।
लेकिन वो लोग बहुत खास होते है - 
जो बिना रिश्ते के भी -
रिश्ता निभाते है - 
कभी अपने भी रिश्ते, नहीं निभा पाते॥

*****
हर सपना खुशी का पूरा नही होता - 
कोई किसी के बिना अधूरा नही होता।
जो रोशन करता है सब रातों को - 
वो चाँद भी देखो हर दिन पूरा नही होता॥



-विमल गांधी


7 comments:

  1. Replies
    1. शुभ प्रभात
      सुश्री विमल गाँधी गुजरात की हैं
      खूब किताबें पढ़ती हैं
      अच्छी लगी उनकी समझ
      आपने भी पसंद किया
      आभार
      सादर

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  2. बहुत सुन्दर

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल रविवार (21-08-2016) को "कबूतर-बिल्ली और कश्मीरी पंडित" (चर्चा अंक-2441) पर भी होगी।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  5. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" रविवार 21 अगस्त 2016 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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