Sunday, August 16, 2015

लोग भी कमाल करते हैं…यशोदा












यूं तो
बेरंग हैं पानी 
फिर भी जिन्दगी 
कहलाती हैं,

ढेर सारे रंग हैं 
शराब के फिर भी 
गन्दगी कहलाती हैं।।

लोग भी कमाल करते हैं…

जिन्दगी के गम 
भुलाने के लिये, 
गन्दगी में जिन्दगी 
मिलाकर पीते हैं…

-यशोदा

8 comments:

  1. वाह , बहुत खूब यशोदा जी

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  2. क्या बात है बहुत खूब :)

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  3. दिनांक 17/08/2015 को आप की इस रचना का लिंक होगा...
    चर्चा मंच[कुलदीप ठाकुर द्वारा प्रस्तुत चर्चा] पर...
    आप भी आयेगा....
    धन्यवाद...

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  4. सुन्दर व सार्थक रचना प्रस्तुतिकरण के लिए आभार..
    मेरे ब्लॉग की नई पोस्ट पर आपका इंतजार...

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  5. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" गुरुवार, कल 31 दिसंबर 2015 को में शामिल किया गया है।
    http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप सादर आमत्रित है ......धन्यवाद !

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  6. Kya baaat hai.....kamaaal ki soch

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