मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह

Thursday, September 30, 2021

चढ़ती उम्र के साथ .....नीलम गुप्ता

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  चढ़ती उम्र के साथ बुढ़ापे की तरफ जब राह हो जाती अपनी औलाद ही जब आंखे दिखाती तब पतियों को बदलते देखा है पत्नियों की कदर करते देखा है। सारी...
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Wednesday, September 29, 2021

जिंदगी का सफर ....मनोरमा सिंह

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 रश्क-ए-जन्नत बने जिंदगी का सफर। फूल उस पर खिले जो डगर हो तेरी। तुम जो मिले वक्त थम सा गया। मुझको जन्नत लगे रहगुज़र हो तेरी। कौन सा था नशा, ह...
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Tuesday, September 28, 2021

चौराहा और पुस्तकालय ...खेमकरण ‘सोमन’

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चौराहा और पुस्तकालय  चौराहे पर खड़ा आदमी  बरसों से, खड़ा ही है चौराहे पर टस से मस भी नहीं हुआ !  जबकि पुस्तकालय में खड़ा आदमी  खड़े-खड़े ही पहुँच...
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Monday, September 27, 2021

बहुत बुरा महसूस किया .....खेमकरण ‘सोमन’

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डिकैथनॉल, ट्रेंड्स, बिग बाजार और विशाल मेगा मार्ट की धरती से खरीदारी करने के बाद उन्होंने महसूस किया रंग–रंगा चाँद–तारों को बता–बतियाकर उतनी...
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Tuesday, September 21, 2021

किसी के समक्ष प्रिय…मत खुलना ...खेमकरण ‘सोमन’

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विदा हो रहा हूँ चाबी ने बस  इतना ही कहा जब तक आ न जाऊँ– किसी के समक्ष प्रिय…मत खुलना फिर कई चाबियाँ आईं-  चली गईं लेकिन न खुला ताला न ताले क...
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Thursday, September 16, 2021

झूम के आई घटा, टूट के बरसा पानी ...आरज़ू लखनवी

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किसने भीगे हुए बालों से ये झटका पानी झूम के आई घटा, टूट के बरसा पानी कोई मतवाली घटा थी कि जवानी की उमंग जी बहा ले गया बरसात का पहला पानी टिक...
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Friday, September 3, 2021

चराग़ाँ हर एक घर के लिये ....दुष्यंत कुमार

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कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिये कहाँ चराग़ मयस्सर नहीं शहर के लिये यहाँ दरख़्तों के साये में धूप लगती है चलो यहाँ से चले और उम्र भर क...
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Contributors

  • Digvijay Agrawal
  • Sweta sinha
  • yashoda Agrawal
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