मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह

Friday, February 12, 2021

मै भारत-भूमि ! ...मंजू मिश्रा

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मै भारत-भूमि ! ना जाने कब से ढूंढ रही हूँ अपने हिस्से की रोशनी का टुकड़ा…. लेकिन पता नहीं क्यो भ्रष्ट अवव्यस्था के ये अँधेरे इतने गहरे हैं क...
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Thursday, February 11, 2021

मैं अदना नारी .....नीलम गुप्ता

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मैं अदना नारी सब कहते है कैसे लिख लेती हो कितना हुनर है मैं मुस्करा जाती हूं और तुम्हें एक राज बताती हूं लिखने को हुनर नही दिल चाहिए शब्द नह...
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Wednesday, February 10, 2021

किसी का दिल ना तोड़ों तुम ...सुजाता प्रिय 'समृद्धि'

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निज टूटे हुए दिल ले, सभी मेरे पास आते हैं। हम जोड़ेगे इसे ठीक से, लिए विश्वास आते हैं। भरी है टोकरी दिल के, टुकड़े से यहां देखो, इन्हीं टुकड...
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Tuesday, February 9, 2021

तुम मसीहा थे जानिब था हर फैसला तेरा ..पावनी जानिब

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शर्म थी वो तुम तो शर्म कर ही सकते थे दामन में उसके इज्जतें भर भी सकते थे। माना के बेबसी में वो बदन बेचती रही समझौता हालातों से तुम कर भी सकत...
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Wednesday, January 27, 2021

याद के पहरों में जीते हैं ...अस्तित्व "अंकुर"

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तुम्हारे साथ गुज़री याद के पहरों में जीते हैं, हमें सब लोग कहते हैं कि हम टुकड़ों में जीते हैं, हमें ताउम्र जीना है बिछड़ कर आपसे लेकिन, बचे लम...
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Tuesday, January 26, 2021

काव्य ककहरा ....डॉ. अंशु सिंह

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काव्य ककहरा जिससे सीखा भूल गई उन हाथों को स्वार्थ सिद्धि के खातिर अपनी तोड़ दिया सब नातों को कलम पकड़ना नहीं जानती शब्द शब्द सिखलाये थे हर पल ...
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Monday, January 25, 2021

मैं अच्छी नहीं हूं ...पूजा गुप्ता

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मैं अच्छी नहीं हूं मुझे मेहँदी लगानी नहीं आती। ना ही रंगोली बनानी आती। मैं बंद बोतल के ढक्कन जैसी। मुझे दही जमानी नहीं आती। ना कभी व्रत की प...
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  • Digvijay Agrawal
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