मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह

Friday, June 12, 2020

धूप सा तन दीप सी मैं .... महादेवी वर्मा

›
धूप सा तन दीप सी मैं! उड़ रहा नित एक सौरभ-धूम-लेखा में बिखर तन, खो रहा निज को अथक आलोक-सांसों में पिघल मन अश्रु से गीला सृजन-पल,...
4 comments:
Thursday, June 11, 2020

गीत गाने दो मुझे .......... सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला"

›
गीत गाने दो मुझे तो, वेदना को रोकने को। चोट खाकर राह चलते होश के भी होश छूटे, हाथ जो पाथेय थे, ठग- ठाकुरों ने रात लूटे, कं...
2 comments:
Wednesday, June 10, 2020

यूँ सताया ना करो ....अख़्तर खत्री

›
अपने एहसासों को यूँ छुपाया ना करो, चुप रह कर तुम मुझे यूँ सताया ना करो । अल्फ़ाज़, ख़ामोशी से अच्छे ही होते हैं, सिर्फ़ इशारों से इश...
6 comments:
Tuesday, June 9, 2020

लैम्प पोस्ट ... संध्या गुप्ता

›
ये सुनसान फैली सड़क है लैम्प पोस्ट की रौशनी में चमचमाते भवन हैं एक के बाद एक सब में मरे पड़े हैं आदमी ये पूरा इलाका एक मुर्दा-घर है ...
4 comments:
Monday, June 8, 2020

क़त्ल का कैसा है ...डॉ.नवीन मणि त्रिपाठी

›
2122 1122 1122 22 दिल सलामत भी नहीं और ये टूटा भी नहीं । दर्द बढ़ता ही गया जख़्म कहीं था भी नहीं ।। कास वो साथ किसी का तो निभा...
5 comments:
Saturday, June 6, 2020

मेरे लिए ईमां आसां ....महेशचन्द्र द्विवेदी

›
शबनमी बूँद का कमल के पत्ते पर ठहरना मुश्किल हवा में एक सिहरन हुई और बूँद का गिरना आसां   ताल की जलकुम्भी से मवेशी का निकलना मुश्किल ...
Friday, June 5, 2020

आस्तीन के सांप से दुनियादारी भरी ..सुखविन्दर सिंह मनसीरत

›
चलते चलते यूँ ही रूक जाता हूँ मैं कहना चाहूँ जो पर न कह पाता हूँ  मैं उल्फतों का समंदर है हिलोरे खा रहा भावनाएँ व्यक्त ना कर पात...
6 comments:
‹
›
Home
View web version

Contributors

  • Digvijay Agrawal
  • Sweta sinha
  • yashoda Agrawal
Powered by Blogger.