मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
Saturday, August 10, 2019
अब जम्मू कश्मीर लेह लद्दाख में रोजगार पैदा करने की जरूरत
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अब जम्मू-कश्मीर लेह लद्दाख में रोजगार पैदा करने की जरूरत अनुच्छेद 370 खत्म और 35Aस्वत: खत्म, आजाद हुई हमारी ‘जन्नत’ इस हेड...
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Friday, August 9, 2019
रात तो रात है....मेगी आसनानी
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रात तो रात है कैसे ज़ज़्बात है वो मिले है कहाँ ? बस मुलाकात है ज़िन्दगी, प्यार, तुम सब खयालात है दिन को छेड़ो ना वो ...
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Thursday, August 8, 2019
सौभाग्य...... अनुराधा चौहान
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माँ का तर्जुबा रह-रहकर मेरी आँखों में झाँकता रहा, सौभाग्य से आती हैं बेटियाँ घर के आँगन में खुशियाँ वहीं हैं बसती बेटियाँ ज...
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Wednesday, August 7, 2019
माँ का तर्जुबा.....सीमा सिंघल सदा
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मेरे चेहरे की उदासियों को पढ़ता फिक्र की करवटें बदलता कभी, फिर सवालों की बौछार भी करता पर मेरी खामोशियों का वाईपर, जाने ...
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Tuesday, August 6, 2019
अबूझ पहेली-सी ज़िंदगी .....अनीता वाधवानी
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अबूझ पहेली-सी ज़िंदगी.. रोज ही चल पड़ती है थामकर मेरा हाथ, बड़ी चालाकी से ये ज़िंदगी दिखाती है सुनहरे ख़्वाब. थमे न ...
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Monday, August 5, 2019
ख़याल ही सबूत है...गुलज़ार
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बुरा लगा तो होगा ऐ खुदा तुझे, दुआ में जब, जम्हाई ले रहा था मैं-- दुआ के इस अमल से थक गया हूँ मैं ! मैं जब से देख सुन रह...
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Sunday, August 4, 2019
समानता...... श्वेता सिन्हा
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देह की परिधियों तक सीमित कर स्त्री की परिभाषा है नारेबाजी समानता की। दस हो या पचास कोख का सृजन उसी रजस्वला काल ...
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