मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
Thursday, January 10, 2019
रोते हुए बच्चे को हँसाया जाये...निदा फ़ाज़ली
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अपना ग़म लेके कहीं और न जाया जाये घर में बिखरी हुई चीज़ों को सजाया जाये जिन चिराग़ों को हवाओं का कोई ख़ौफ़ नहीं उन चिराग़ों को ...
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Wednesday, January 9, 2019
उसी लम्हे को तड़पना भी था ...जॉन एलिया
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दिल जो दीवाना नहीं आखिर को दीवाना भी था भूलने पर उस को जब आया तो पहचाना भी था जानिया किस शौक में रिश्ते बिछड़ कर रह गए काम तो ...
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Tuesday, January 8, 2019
एकांत के इस उत्सव में...श्वेता सिन्हा
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साँझ को नभ के दालान से पहाड़ी के कोहान पर फिसलकर क्षितिज की बाहों में समाता सिंदुरिया सूरज, किरणों के गुलाबी गुच्छे टकटकी बाँधें ...
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Monday, January 7, 2019
मेरे पर निकलने लगते हैं..........राहत इन्दोरी
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पुराने शहर के मंजर निकलने लगते है ज़मी जहा भी खुले, घर निकलने लगते है मैं खोलता हूँ सदफ मोतियों के चक्कर में मगर यहाँ भी समन्दर ...
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Sunday, January 6, 2019
माँग का मौसम....अपर्णा वाजपेई
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प्रेम की मूसलाधार बारिश से, हर बार बचा ले जाती है ख़ुद को, वो तन्हा है........ है प्रेम की पीड़ा से सराबोर, नहीं बचा है एक भी अंग ...
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Saturday, January 5, 2019
तुझमें नयापन क्या है .......फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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ऐ नए साल बता, तुझमें नयापन क्या है हर तरफ़ ख़ल्क़ ने क्यूँ शोर मचा रक्खा है रौशनी दिन की वही, तारों भरी रात वही आज हमको नज़र...
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Friday, January 4, 2019
क्षणिकाएँ....श्वेता सिन्हा
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ख्वाहिशें रक्तबीज सी पनपती रहती है जीवनभर, मन अतृप्ति में कराहता बिसूरता रहता है अंतिम श्वास तक। --*--*-- मौन ब्रह...
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