मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
Thursday, October 12, 2017
तेरी ज़रूरत ज्यादा है..........अमित जैन 'मौलिक'
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मेरी उजरत कम, तेरी ज़रूरत ज्यादा है ऐ ज़िंदगी कुछ तो बता, तेरा क्या इरादा है। दांव पर ईमान लगाकर, तरक़्क़ी कर लेना आज के दौर का, फ़...
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Wednesday, October 11, 2017
क्या है मुझ में............नौबहार 'साबिर'
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बूंदी पानी की हूं थोड़ी-सी हवा है मुझ में इस बिज़ाअत पे भी क्या तुर्फ़ां इना है मुझ में ये जो इक हश्र शबो-रोज़ बपा है मुझ ...
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Tuesday, October 10, 2017
तीन लघु नज़्म....हुमैरा राहत
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तेरा नाम बारिशों के मौसम में छत पे' बैठ के तन्हा नन्ही नन्ही बूंदों से तेरा नाम लिखती हूँ काश मेरे मालिक बहुत रहमो-...
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Monday, October 9, 2017
रिहा होने से डरता है............राजेश रेड्डी
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यहां हर शख़्स हर पल हादिसा होने से डरता है खिलौना है जो मिट्टी का फ़ना होने से डरता है मेरे दिल के किसी कोने में इक मासूम-सा बच्चा ...
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Sunday, October 8, 2017
वही है दोस्ती हमारी.....विकास शर्मा "दक्ष"
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ये नहीं कि दिल की ख़लिश पिघल गई। रोने से तबियत ज़रूर थोड़ी संभल गई।। वही मैं, वही तुम, वही है दोस्ती हमारी, फ़ासले से कैफ़ियत ज़रूर थोड़...
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Saturday, October 7, 2017
प्यार का मतलब .....चंचलिका शर्मा
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तुम कहते हो मैं जिद्दी हूँ और थोड़ी सी हूँ मनचली ... हाँ , मैं हूँ स्वीकार है मुझे मैं जिद्दी हूँ थोड़ी सी मनचली भी ........
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Friday, October 6, 2017
आतुरता......अमित जैन 'मौलिक'
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आतुरता का व्याकुलता की ओर यह प्रवाह आह!! गुमान ही ना था कोई अनुमान ही ना था। लज़्ज़त के गगन से टप्प टप्प बूँद गिरती रही ...
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