मेरी धरोहर..चुनिन्दा रचनाओं का संग्रह
Friday, March 31, 2017
वो सफ़र बाकी है.....मनी यादव
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तेरी यादों का अभी दिल पर असर बाकी है जो करेंगे साथ में तय वो सफ़र बाकी है यूँ तो अश्क़ों से मुकम्मल हो चुका है दरिया फिर भी दरिय...
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Thursday, March 30, 2017
टूटी है वो टुकड़ों-टुकड़ों में....आकांक्षा यादव
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न जाने कितनी बार टूटी है वो टुकड़ों-टुकड़ों में हर किसी को देखती याचना की निगाहों से एक बार तो हाँ कहकर देखो कोई कोर कसर नहीं रखूँगी त...
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Wednesday, March 29, 2017
इनसान बन जीने दो ...मंजू मिश्रा
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मुक्त करो पंख मेरे पिजरे को खोल दो मेरे सपनो से जरा पहरा हटाओ तो ... आसमाँ को छू के मैं तो तारे तोड़ लाऊंगी एक बार प्यार से हौ...
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Tuesday, March 28, 2017
टूटे हैं कुछ हसीं दिल जहां में......अनिरुद्ध सिन्हा
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इतने आँसू मिले ज़िन्दगी से और क्या चाहिए अब किसी से खुद नशेमान से बाहर हुए हम अपने लोगों की बेचारगी से रात गुज़री मह...
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Monday, March 27, 2017
विवशता....सुशांत सुप्रिय
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जब सुबह झुनिया वहाँ पहुँची तो बंगला रात की उमस में लिपटा हुआ गर्मी में उबल रहा था । सुबह सात बजे की धूप में तल्ख़ी थी । वह तल्ख़ी उसे मेम...
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Sunday, March 26, 2017
ये भी मेरा है और वो भी मेरा ही है.....विशाल मौर्य विशु
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यार अब तो ऐसा आलम हो गया है मेरा हर इक जख्म मरहम हो गया है कुछ दिनों से वो नज़र आया नहीं के तनहा तनहा सा ये मौसम हो गया है ...
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Saturday, March 25, 2017
बताइये मेरी क्लास क्या है ?...डॉ. भावना
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हथिया नक्षत्र ने दिखा दिया है अपना जादू बारिश की बूँदें बूंदें नहीं रहीं धार हो गयी हैं मूसलाधार गड्ढे ,नदी -तालाब सभी भ...
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